राज्य

नहीं रहे सपा सुप्रीमो व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव। मेंदांता अस्पताल में चल रहा था इलाज।

फरीदाबादः उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने आज 82 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। अब यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। मुलायम के देहांत की खबर सुन कर तमाम बढे नेता अपनी शोक संवेंदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने ट्विटर पर ट्विट करते हुए लिखा- भारतीय राजनीति में पिछड़ों शोषितों की आवाज़ पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जी के निधन का दुःखद समाचार मिला ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करे व उनके परिजनों,समर्थकों को ये पीड़ा सहन करने की शक्ति दें।

आप को बता दें कि मुलायम का इलाज गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। वह 22 अगस्त से मेदांता में भर्ती थे। उनसे मिलने तमाम बडे दिग्गज नेताओं ने शिरकत की थी। परन्तु आज नेता जी अब हमारे बीच नहीं हैं।

मुलायम सिंह यादव के बारे में

मुलायम सिंह यादव (जन्म : 22 नवम्बर 1939- मृत्यु :10 अक्टूबर 2022) भारत के एक राजनेता एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। वे भारत के रक्षामंत्री भी रह चुके हैं। वे मूलतः एक शिक्षक थे किन्तु शिक्षण कार्य छोड़कर वे राजनीति में आये तथा समाजवादी पार्टी बनायी थी।

व्यक्तिगत जीवन परिचय

मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवम्बर 1939 को इटावा जिले के सैफई गाँव में मूर्ति देवी व सुघर सिंह यादव के किसान परिवार में हुआ। मुलायम सिंह यादव अपने पाँच भाई-बहनों में रतनसिंह यादव से छोटे व अभयराम सिंह यादव, शिवपाल सिंह यादव, राजपाल सिंह और कमला देवी से बड़े हैं। प्रोफेसर रामगोपाल यादव इनके चचेरे भाई हैं।पिता सुघर सिंह उन्हें पहलवान बनाना चाहते थे किन्तु पहलवानी में अपने राजनीतिक गुरु चौधरी नत्थूसिंह को मैनपुरी में आयोजित एक कुश्ती-प्रतियोगिता में प्रभावित करने के पश्चात उन्होंने नत्थूसिंह के परम्परागत विधान सभा क्षेत्र जसवन्त नगर से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। ये भी पढेंः नहीं रहे रामायण के रावण उर्फ अरविंद त्रिवेदी गृहमंत्री अमितशाह ने की संवेदना व्यक्त।

राजनीति में आने से पूर्व मुलायम सिंह यादव आगरा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (एम०ए०) और बी० टी० करने के उपरान्त इन्टर कालेज में प्रवक्ता नियुक्त हुए और सक्रिय राजनीति में रहते हुए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। मुलायम सिंह जी का काफ़ी लंबी बीमारी के कारण 10 अक्टूबर 2022 को निधन हो गया। ये भी पढेंः ‘नेहा धूपिया’ राज कौशल की मौत की खबर सुन कर हुयी भावुक कहा, यकीन नहीं होता तुन नहीं हो।

मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक जीवन

मुलायम सिंह उत्तर भारत के बड़े समाजवादी और किसान नेता हैं। एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेने वाले मुलायम सिंह ने अपना राजनीतिक जीवन उत्तर प्रदेश में विधायक के रूप में शुरू किया। बहुत कम समय में ही मुलायम सिंह का प्रभाव पूरे उत्तर प्रदेश में नज़र आने लगा। मुलायम सिंह ने उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग समाज का सामाजिक स्तर को ऊपर करने में महत्वपूर्ण कार्य किया। सामाजिक चेतना के कारण उत्तर प्रदेश की राजनीति में अन्य पिछड़ा वर्ग का महत्वपूर्ण स्थान हैं। समाजवादी नेता रामसेवक यादव के प्रमुख अनुयायी (शिष्य) थे तथा इन्हीं के आशीर्वाद से मुलायम सिंह 1967 में पहली बार विधान सभा के सदस्य चुने गये और मन्त्री बने।

1992में उन्होंने समाजवादी पार्टी बनाई। वे तीन बार 5 दिसम्बर 1989 से 24 जनवरी 1991 तक, 5 दिसम्बर 1993 से 3 जून 1996 तक और 29 अगस्त 2003 से 11 मई 2007 तक उत्तर प्रदेश के मुख्य मन्त्री रहे। इसके अतिरिक्त वे केन्द्र सरकार में रक्षा मन्त्री भी रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश में यादव समाज के सबसे बड़े नेता के रूप में मुलायम सिंह की पहचान है। उत्तर प्रदेश में सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने में मुलायम सिंह ने साहसिक योगदान किया। मुलायम सिंह की पहचान एक धर्मनिरपेक्ष नेता की है। उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी माना जाता है। उत्तर प्रदेश की सियासी दुनिया में मुलायम सिंह यादव को प्यार से नेता जी कहा जाता है।

केंद्रीय राजनीति और मुलायम सिंह यादव

केंद्रीय राजनीति में मुलायम सिंह का प्रवेश 1996 में हुआ, जब काँग्रेस पार्टी को हरा कर संयुक्त मोर्चा ने सरकार बनाई। एच. डी. देवेगौडा के नेतृत्व वाली इस सरकार में वह रक्षामंत्री बनाए गए थे, किंतु यह सरकार भी ज़्यादा दिन चल नहीं पाई और तीन साल में भारत को दो प्रधानमंत्री देने के बाद सत्ता से बाहर हो गई। ‘भारतीय जनता पार्टी’ के साथ उनकी विमुखता से लगता था, वह काँग्रेस के नज़दीक होंगे, लेकिन 1999 में उनके समर्थन का आश्वासन ना मिलने पर काँग्रेस सरकार बनाने में असफल रही और दोनों पार्टियों के संबंधों में कड़वाहट पैदा हो गई। 2002 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 391 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए, जबकि 1996 के चुनाव में उसने केवल 281 सीटों पर ही चुनाव लड़ा था। ये भी पढेंः Comedian Raju srivastava pass away: नहीं रहे कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव, परिवार ने की मृत्यू की पुष्टी

Author: टीम, भारतीय बुलेटिन

Get all the latest news from the Bhartiya Bulletin Team

टीम, भारतीय बुलेटिन

Get all the latest news from the Bhartiya Bulletin Team

Recent Posts

Faridabad News: पैट्रोल पम्प पर सेल्समेन के साथ मारपीट करने के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार,पुलिस चौकी सेक्टर-46 टीम की कार्रवाई.

फरीदाबाद– फरीदाबाद पुलिस द्वारा मारपीट की घटनाओं में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की…

1 week ago

Faridabad News: बीमा एजेंट की हत्या कर शव को नाले में फैंकने के मामले में महिला व उसका मंगेतर गिरफ्तार।

फरीदाबादः फरीदाबाद पुलिस द्वारा अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है इसी क्रम में…

3 months ago

faridabad news: लोहे के पाईप से हमला मारपीट करने के मामले में 2 और आरोपी गिरफ्तार , क्राईम ब्रांच NIT की कार्रवाई

फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस दंबगई कर कानून को अपने हाथ में लेने वालो पर लगातार कार्रवाई…

3 months ago

बाढ़ में उम्मीद की किरण बनी हरियाणा पुलिस– HSDRF ने फरीदाबाद में गर्भवती महिला और उसके पति को सुरक्षित बचाया.

फरीदाबाद, 05 सितम्बर: फरीदाबाद के गांव काबुलपुर की गलियों में चार दिन से पसरी बाढ़…

5 months ago

फरीदाबाद की नवीन नगर चौकी का सराहनीय कार्य, नाका चैकिंग के दौरान इन दो मोटर साइकिल चोरों को धर दबोचा।

नाका चैकिंग के दौरान पुलिस चौकी नवीन नगर की टीम ने चोरी की मोटरसाईकिल सहित…

5 months ago

बिग बॉस 19 प्रणित मोरे तो गया, मेकर्स ने बढाई प्रतियोगियों की दिल की धडकनें।

मुंबईः सलमान खान का चर्चित शॉ बिगबॉस 19 भी इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहा…

5 months ago

This website uses cookies.